परिचय
कल्पना कीजिए, आप उस नगरी में हैं जहाँ भगवान बुद्ध ने अपने प्रबोधन के बाद पहला उपदेश दिया, जहाँ महावीर स्वामी ने चातुर्मास बिताया, और जहाँ मौर्य एवं गुप्त साम्राज्यों की कला-संस्कृति अपने चरम पर थी। यह नगरी है राजगीर – प्राचीन मगध की प्रथम राजधानी और भारत के समृद्ध इतिहास का एक अनमोल रत्न। बिहार के नालंदा जिले में स्थित यह नगर न केवल बौद्ध, जैन और हिंदू धर्मों के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ है, बल्कि पुरातत्व प्रेमियों के लिए भी एक जीवंत खुली किताब है। आज हम आपको ले चलेंगे एक ऐसी यात्रा पर जहाँ राजगीर के सात प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों की कहानी उनके पत्थरों-पत्थरों में बसी मिलेगी। इस पोस्ट में आप जानेंगे कि कैसे यह स्थल राजगीर के गौरवशाली अतीत, पुरातात्विक महत्व और धार्मिक आस्था के प्रतीक हैं।

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